<< Back to News

35 से नही बल्कि 36 बिरादरी से बनता है सभ्य समाज- लावट


हिसार, 2 मार्च : एक सभ्य समाज में समन्वय स्थापित करने के लिए 35 में नहीं बल्कि सभी 36 बिरादरी में भाईचारा आवश्यक होता है। इनेलो के शहरी अध्यक्ष सजन लावट ने हजकां के कुछ स्थानीय नेताओं के 35 बिरादरी सम्बन्धित दिए गए बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए यह बात कही। उन्होंने इसके लिए उन नेताओं को चेताते हुए कहा कि वे इस तरह की बात करके समाज को बांटने का काम न करे।  इतिहास गवाह है कि जिसने भी जाति पाति की राजनीति की उसे खामियाजा भुगतना पड़ा है।

कांग्रेस व भाजपा ने तो सदा जाति व धर्म के आधार पर लोगो को बांटने की बात की है, वहीं हजकां ने भी इस दिशा में आग लगाने का प्रयास किया है। इसका खामियाजा हजकां को तो लगातार भुगतना पड़ रहा है, इसी कारण हजकां की स्थापना होने के बाद हर लोकसभा व विधानसभा चुनाव में उसकी फजीहत हुई थी। कांग्रेस को भी पिछले लोकसभा व विधानसभा चुनावो में इसी वजह से हार का सामना करना पड़ा था। आज की मौजूदा भाजपा सरकार भी इसी नीति पर चल कर भाईचारे को खराब करने पर तुली हुई है। भाजपा के तो सांसद, विधायक व मंत्री सरेआम जाति पाति का जहर घोलते हुए अपनी ही पार्टी में खेमो में बंटी हुई है। इनेलो नेता लावट ने कहा कि इनेलो 36 बिरादरी को साथ लेकर चलने वाली पार्टी है व हर वर्ग को पूरा प्रतिनिधित्व देती है। जन नायक चौ0 देवीलाल ने हमेशा कमेरे वर्ग की आवाज़ को बुलन्द किया था, उसी प्रकार इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष औम प्रकाश चौटाला भी उन्ही के नक्शेकदम पर चल रहे है। एक और जँहा विधानसभा व लोकसभा में टिकट बंटवारे में भी अधिकतर सीटें पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवारो को देते है वंही जब राज्य सभा में इनेलो की तरफ से सांसद बनाने की बात आती है तो भी पिछड़े वर्ग को नही भूलते। इसका जीता जागता उदाहरण  राज्य सभा में भेजे गए पूर्व सांसद रणवीर गंगवा व मौजूदा सांसद राम कुमार कश्यप है।


Forward  



web counter