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खराब फसल का मुआवजा मिले 20 हजार रुपये प्रति एकड़ : विधायक बलवान सिंह दौलतपुरियां


फतेहाबाद: पहले मौसम की मार, फिर सफेद मक्खी का प्रकोप और अब सरकार द्वारा भाव न देने से किसान आहत है। यहीं कारण है कि किसान आए दिन किसी ने किसी क्षेत्र में आत्महत्या कर रहा है। यह बात फतेहाबाद के विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया ने इनेलो द्वारा शुरू किये गये अभियान पोल खोल अभियान के दौरान अनेक गांवों का दौरा करने के दौरान कही।

उनके साथ राष्ट्रीय सचिव युद्धवीर आर्य, कुलजीत सिंह कुलडिय़ां, सुरेंद्र लेगा, हल्काध्यक्ष भरत सिंह परिहार, बलवीर सरपंच, रविंद्र बेनीवाल, दरेशखान, नरेंद्र दुहन, अनिल भादू व महेंद्र भादू उपस्थित थे। उन्होंने बृहस्पतिवार को बीघड़, सालमखेड़ा, धारनियां, बड़ोपल सहित भट्ट हलके के गांवों का दौरा किया। इनेलो नेताओं ने कहा कि पहले मौसम खराब होने से गेहूं की फसल खराब हो गई। उसके बाद नरमे की फसल में सफेद मक्खी का प्रकोप इस कदर हुआ कि सारी फसल चौपट हो गई। धान की फसल अच्छी होने की उम्मीद थी। लेकिन वो भी कुछ खास नहीं हुई। जिस धान के भाव इनेलो सरकार में तीन हजार से चार हजार प्रति क्विंटल थे वो धान आज 15 सौ से लेकर 2 हजार रुपये प्रति क्विंटल में बिक रहा है। ऐसे में किसान कैसे कर्ज से मुक्त हो सकेगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने चुनाव के समय जो वायदे किए थे वो फाइल गुम हो चुकी है। ऐसे में सरकार किस तरह किसान हितैषी हो सकती है।  सरकार ने दावा किया था कि खराब फसल का मुआवजा किसानों को जल्द दिया जाएगा। लेकिन हकीकत यह है कि आज तक खराब हुई फसल का सर्वें भी पूरा नहीं हुआ। सरकार के नुमाईंदें नरमे की फसल की कटाई होने के बाद फसल का सर्वें कर रहे है। कटाई के बाद खराब फसल का आंकलन कैसे करेंगे। 


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