<< Back to News

इनेलो जाट आरक्षण की पक्षधर : अशोक अरोड़ा


चंडीगढ़, 18 फरवरी : हरियाणा विधानसभा के पूर्व स्पीकर एवं इनेलो के प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने कहा कि इनेलो जाटों के आरक्षण की पक्षधर है। इसके साथ रोड़, त्यागी, बिश्रोई व जटसिख समुदाय को आरक्षण मिलें। श्री अरोड़ा आज कैथल में पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रामपाल माजरा के निवास पर पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर भी जाटों को आरक्षण देने के पक्ष में है। अब कायदा यह है कि विधिवत विधानसभा व संसद में विधेयक लाकर इसे कानून की शक्ल दें ताकि जाटों को कानूनन आरक्षण मिले। उन्होंने कहा कि सरकार सुप्रीम कोर्ट का हवाला देकर जाट आरक्षण में बाधा डाल रही है यदि विधेयक लाकर इसे कानून का दर्जा दिया तो आरक्षण में कोई रुकावट नहीं रहेगी।

इनेलो नेता ने कहा कि सरकार अगर भडक़ाऊ बयानबाजी व उत्तेजना पैदा करने वाले लोगों के खिलाफ समय रहते कार्रवाई करती तो आज प्रदेश में ऐसे हालात पैदा न होते। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने, अफवाहों से सावधान रहने, किसी के उकसावे में आकर आपस में झगड़े न करने का आह्वान करते हुए आपस में पूरी तरह से पे्रम-प्यार, भाईचारा और संयम बनाए रखने की अपील की। श्री अरोड़ा ने कहा कि इससे पूर्व अहीर, सैनी व अन्य जातियों को जो आरक्षण का लाभ मिला था उन्हें खेती से किसान के रूप में जुड़े होने के कारण यह आरक्षण मिला। जाट समुदाय भी मूलत: खेतीबाड़ी से जुड़ा है और वर्तमान परिवेश में घटती जोत के कारण ख्ेाती घाटे का सौदा हो गई है अत: जाट समुदाय को राहत प्रदान करते हुए इन्हें आरक्षण का लाभ दिया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि हरियाणा में भाजपा सरकार में बैठे मंत्री भी जाटों के आरक्षण के पक्षधर नहीं है और वहीं इस काम को अंजाम पहुंचाने में बाधाएं उत्पन्न कर रहे हैं। भारतीय जनता पाटी के लोग यदि चाहते तो अब तक आरक्षण का लाभ मिल गया होता। आरक्षण के हो रहे विलम्ब और धरने प्रदर्शनों के लिए भाजपा स्वयं जिम्मेदार है। 

उन्होंने यह भी कहा कि इनेलो सदैव लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास रखकर जनहित में जरूरी कदम उठाती आई है लेकिन भारतीय जनता पार्टी की यह सरकार केवल धरने और प्रदर्शनों की भाषा ही समझती है इसलिए जाट बिरादरी मजबूर होकर अपने कामकाज छोडक़र सडक़ों पर बैठी है। शांतिपूर्वक अपनी बात को रखने से भाजपा सरकार के कान पर कभी भी जूं तक नहीं रेंगी है इसका एक मात्र उदाहरण इनेलो द्वारा पंचकूला शक्ति भवन में क्रमबद्ध बिजली बिलों की बढ़ौतरी को लेकर चलाए जा रहे अनशन है जिसका अब तक सरकार पर रतीभर भी असर नहीं पड़ा है। अत: सरकार को समझाने का तरीका भी अब यही रह गया है कि जाम, धरने, प्रदर्शन किए जाए ताकि प्रदेश सरकार जनता की तकलीफों और मुसीबतों को समझकर उनका समाधान करें।

पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रामपाल माजरा ने कहा कि हरियाणा सरकार ने आर्थिक आधार पर 20 प्रतिशत आरक्षण देने की जो पेशकश की है वह कतई मंजूर नहीं है, जाटों सहित पांचों जातियों को जाति के आधार पर आरक्षण मिलना चाहिए जिसके वे हकदार है। उन्होंने कहा कि जाट समुदाय आरक्षण के मुद्दे को लेकर इनैलो से किसी प्रकार का भी समर्थन चाहेगा तो यह पार्टी इसके लिए पूरी तरह तैयार है। जाट आरक्षण का विधेयक विधानसभा में लाकर कानून रूप दिया जाए और तमिलनाडू की तर्ज पर हरियाणा में भी जाटों को आरक्षण मिले। इस मौके पर इनेलो जिलाध्यक्ष पंडित कंवरपाल करोड़ा, युवा नेता जसमेर तितरम, अजमेर गोलन, पार्षद इंद्र ढुल पाई, सुरेश माजरा, संदीप जुलानीखेड़ा, राममेहर खुराना सहित इनेलो पदाधिकारी व कार्यकत्र्ता उपस्थित थे।


Forward  



web counter